Bank Licence Close : RBI का बड़ा ऐलान इन बैंकों का लाइसेंस किया रद्द, ग्राहकों के जमा पैसों का क्या होगा?

Bank Licence Close – बैंक बंद होने की खबरें सुनते ही आम लोगों के मन में एक ही सवाल उठता है – हमारे जमा पैसे का क्या होगा? हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कुछ सहकारी बैंकों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, जिससे हज़ारों ग्राहकों में घबराहट फैल गई है। यह निर्णय वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लेकिन इस फैसले से जुड़ी कई जरूरी बातें हैं जिन्हें जानना हर बैंक ग्राहक के लिए जरूरी है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किन बैंकों के लाइसेंस रद्द हुए हैं, ग्राहकों के पैसों का क्या होगा, RBI की भूमिका क्या है और आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

किन बैंकों के लाइसेंस रद्द किए गए?

RBI समय-समय पर उन बैंकों पर कार्रवाई करता है जो बैंकिंग नियमों का पालन नहीं करते या जिनकी वित्तीय स्थिति कमजोर हो जाती है। हाल ही में जिन बैंकों के लाइसेंस रद्द किए गए, उनमें मुख्यतः कुछ सहकारी बैंक शामिल हैं।

नीचे दी गई तालिका में आप देख सकते हैं हाल ही में बंद किए गए कुछ बैंकों की जानकारी:

बैंक का नाम राज्य लाइसेंस रद्द होने की तारीख कारण ग्राहक संख्या
शिवाजी सहकारी बैंक महाराष्ट्र 12 जुलाई 2025 पूंजी की कमी 30,000+
श्री लक्ष्मी सहकारी बैंक कर्नाटक 5 जुलाई 2025 NPA अधिक 18,000+
जनता सहकारी बैंक गुजरात 25 जून 2025 वित्तीय अनियमितता 12,500+
मित्र बैंक लिमिटेड तमिलनाडु 20 जून 2025 RBI निर्देशों की अवहेलना 10,000+
समृद्धि सहकारी बैंक बिहार 10 जून 2025 घाटे में संचालन 8,500+

क्या होगा ग्राहकों के जमा पैसों का?

लाइसेंस रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा पूरी तरह से डूब गया है। आरबीआई और DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) मिलकर ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा करते हैं।

  • DICGC के अनुसार, प्रत्येक ग्राहक को ₹5 लाख तक की बीमा सुरक्षा मिलती है।
  • यह ₹5 लाख में सेविंग, फिक्स्ड डिपॉज़िट और करंट अकाउंट – सभी को मिलाकर बीमा होता है।
  • ग्राहक को यह राशि बैंक बंद होने के बाद 2 से 3 महीने के भीतर मिल जाती है।
  • बैंक अगर मर्जर या अधिग्रहण के ज़रिए किसी दूसरे बैंक में शामिल हो जाता है, तो पैसा उस नए बैंक में ट्रांसफर हो सकता है।

RBI कब और क्यों रद्द करता है बैंक का लाइसेंस?

RBI जब महसूस करता है कि कोई बैंक अब ग्राहकों के हितों की सुरक्षा नहीं कर सकता या बैंक की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, तब वह उसका लाइसेंस रद्द करता है। कुछ प्रमुख कारण हैं:

  • बैंक की नेट वर्थ निगेटिव हो जाना
  • बैंक द्वारा गलत ऋण देना या फर्जीवाड़ा
  • लंबे समय से घाटे में चलना
  • ग्राहक सेवाओं में लापरवाही
  • RBI के दिशा-निर्देशों की अनदेखी

आम ग्राहकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

एक आम ग्राहक होने के नाते, हमें अपने पैसों की सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी चाहिए। नीचे दिए गए कुछ उपाय अपनाकर आप ऐसे जोखिम से बच सकते हैं:

  • छोटे सहकारी बैंकों में बहुत ज़्यादा पैसा न रखें।
  • बैंक का RBI लाइसेंस और उसकी वित्तीय स्थिति जानें।
  • हर बैंक खाते का नॉमिनी अपडेट रखें।
  • किसी बैंक की खबरों को नियमित रूप से पढ़ते रहें।
  • ₹5 लाख से अधिक की राशि हो तो उसे बड़े और सरकारी बैंकों में विभाजित करके रखें।

एक रियल लाइफ उदाहरण – कैसे मेरी चूक महंगी पड़ी

मेरे एक रिश्तेदार ने एक सहकारी बैंक में ₹6 लाख फिक्स्ड डिपॉजिट करवाया था। उन्हें लगा था कि ब्याज ज़्यादा है तो फायदा भी होगा। लेकिन कुछ महीनों बाद बैंक का लाइसेंस रद्द हो गया। अब उन्हें सिर्फ ₹5 लाख ही मिलने हैं, बाकी ₹1 लाख का कोई ठिकाना नहीं। तब समझ आया कि बैंकिंग में सिर्फ ब्याज नहीं, सुरक्षा भी देखनी चाहिए।

ऐसे में ग्राहक क्या करें – एक्शन प्लान

अगर आपका पैसा ऐसे किसी बैंक में फंसा है जिसका लाइसेंस रद्द हो गया है, तो घबराएं नहीं। आपको कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए:

शिकायत और क्लेम प्रक्रिया

  • सबसे पहले बैंक द्वारा दिए गए नोटिस को पढ़ें।
  • DICGC की वेबसाइट पर जाकर क्लेम की जानकारी प्राप्त करें।
  • बैंक में जाकर सभी दस्तावेज़ तैयार रखें – पासबुक, FD रसीद, आधार कार्ड आदि।
  • बैंक की सहयोगी एजेंसी से भी संपर्क रखें।

RBI से संपर्क कैसे करें?

अगर आपको बैंक से जवाब नहीं मिल रहा या प्रक्रिया में देरी हो रही है, तो आप सीधे RBI के लोकपाल (Banking Ombudsman) से संपर्क कर सकते हैं।

  • आप ईमेल, पोर्टल या डाक के ज़रिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
  • शिकायत दर्ज करने के बाद आमतौर पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई होती है।

बैंकिंग आज भी देश में भरोसे का क्षेत्र है लेकिन कुछ गलतियों से बड़ी हानि हो सकती है। छोटी-छोटी सावधानियां लेकर आप अपने जीवन की जमा पूंजी को सुरक्षित रख सकते हैं। सहकारी बैंक में पैसा रखने से पहले अच्छी तरह जांच करें और बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र1. बैंक बंद हो जाए तो क्या मेरा पैसा डूब जाएगा?
नहीं, DICGC की मदद से आपको ₹5 लाख तक का पैसा वापस मिलेगा।

प्र2. DICGC क्लेम कैसे करें?
आपको बैंक या DICGC की वेबसाइट से फॉर्म भरकर क्लेम करना होता है।

प्र3. लाइसेंस रद्द होने पर बैंक तुरंत बंद हो जाता है क्या?
हाँ, अधिकतर मामलों में बैंक का संचालन तुरंत बंद कर दिया जाता है।

प्र4. क्या सहकारी बैंक सुरक्षित होते हैं?
सभी नहीं। कुछ सहकारी बैंक अच्छी स्थिति में होते हैं लेकिन कुछ का रिकॉर्ड खराब होता है।

प्र5. अगर मेरा पैसा ₹5 लाख से अधिक है तो क्या होगा?
₹5 लाख से अधिक राशि की गारंटी नहीं होती, इसलिए पैसे को अलग-अलग बैंकों में रखना समझदारी है।

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